भारत के PM की सूची | List of Prime Ministers of India

भारत के प्रधानमंत्री (Prime Minister of India) देश की कार्यपालिका के प्रमुख और सरकार के मुखिया होते हैं। 1947 में आज़ादी के बाद से अब तक, देश ने कई महान नेताओं को इस पद पर देखा है, जिन्होंने भारत के विकास और नियति को आकार दिया है। इस लेख में हम भारत के सभी प्रधानमंत्रियों की सूची, उनके कार्यकाल, प्रमुख उपलब्धियाँ और उनसे जुड़े रोचक तथ्यों की जानकारी साझा कर रहे हैं।

भारत के सभी प्रधानमंत्री

1. प्रधानमंत्री की भूमिका और नियुक्ति

भारत के संसदीय लोकतंत्र में प्रधानमंत्री 'सरकार का मुखिया' (Head of Government) होता है, जबकि राष्ट्रपति 'राज्य का मुखिया' (Head of State) होता है। प्रधानमंत्री ही वास्तविक कार्यकारी शक्ति का प्रयोग करता है।

📜 संवैधानिक प्रावधान (Constitutional Provisions)

अनुच्छेद 74 (Article 74): राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देने के लिए एक मंत्रिपरिषद होगी, जिसका प्रधान 'प्रधानमंत्री' होगा। राष्ट्रपति अपने कृत्यों का प्रयोग इसी सलाह के अनुसार करेंगे।
अनुच्छेद 75 (Article 75): प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाएगी और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री की सलाह पर करेंगे।

नियुक्ति प्रक्रिया: आमतौर पर, राष्ट्रपति लोकसभा (संसद का निचला सदन) में बहुमत प्राप्त दल या गठबंधन के नेता को प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त करते हैं। यदि किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता है, तो राष्ट्रपति अपने विवेक का उपयोग कर सबसे बड़े दल के नेता को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करते हैं।

📊 भारत के सभी प्रधानमंत्रियों की सूची (List of Prime Ministers of India)

# प्रधानमंत्री कार्यकाल पार्टी
1 पं. जवाहरलाल नेहरू 1947 - 1964 कांग्रेस
- गुलजारीलाल नंदा (कार्यवाहक) 1964, 1966 कांग्रेस
2 लाल बहादुर शास्त्री 1964 - 1966 कांग्रेस
3 इंदिरा गांधी 1966-77, 1980-84 कांग्रेस
4 मोरारजी देसाई 1977 - 1979 जनता पार्टी
5 चरण सिंह 1979 - 1980 जनता पार्टी (सेक्युलर)
6 राजीव गांधी 1984 - 1989 कांग्रेस
7 वी.पी. सिंह 1989 - 1990 जनता दल
8 चंद्रशेखर 1990 - 1991 समाजवादी जनता पार्टी
9 पी.वी. नरसिंह राव 1991 - 1996 कांग्रेस
10 अटल बिहारी वाजपेयी 1996, 1998-2004 बीजेपी
11 एच.डी. देवगौड़ा 1996 - 1997 जनता दल
12 आई.के. गुजराल 1997 - 1998 जनता दल
13 डॉ. मनमोहन सिंह 2004 - 2014 कांग्रेस
14 नरेंद्र मोदी 2014 - वर्तमान बीजेपी
📌 नोट: गुलजारीलाल नंदा दो बार कार्यवाहक प्रधानमंत्री (Acting PM) रहे, इसलिए उन्हें संवैधानिक रूप से मुख्य क्रम सूची में गिना नहीं जाता है, लेकिन भारतीय इतिहास में उनका उल्लेख अत्यंत महत्वपूर्ण है।

1. पं. जवाहरलाल नेहरू (1947–1964)

"आधुनिक भारत के निर्माता" — जिन्होंने आजादी की आधी रात को 'ट्रिस्ट विथ डेस्टिनी' (Tryst with Destiny) भाषण देकर नए भारत का आगाज किया।

  • ➤ सबसे लंबा कार्यकाल: ये भारत के अब तक के सबसे लंबे समय (16 साल, 286 दिन) तक रहने वाले प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने लगातार तीन आम चुनाव (1952, 1957, 1962) में कांग्रेस को जीत दिलाई।
  • ➤ आधुनिक संस्थानों के जनक: IIT, IIM, AIIMS, DRDO और ISRO (उस समय INCOSPAR) जैसे भारत के प्रतिष्ठित संस्थानों की स्थापना इन्हीं के विजन का परिणाम थी। उन्होंने भाखड़ा नांगल जैसे बांधों को 'आधुनिक भारत के मंदिर' कहा था।
  • ➤ गुटनिरपेक्ष आंदोलन (NAM): शीत युद्ध के दौरान उन्होंने दुनिया को दो गुटों (अमेरिका और सोवियत संघ) में बंटने के बजाय 'गुटनिरपेक्षता' (Non-Alignment) का रास्ता दिखाया और तीसरी दुनिया के देशों के नेता बने।
  • ➤ प्रसिद्ध लेखक: वे एक बेहतरीन लेखक भी थे। जेल में रहते हुए उन्होंने 'डिस्कवरी ऑफ इंडिया' (India Discovery) और 'पिता के पत्र पुत्री के नाम' जैसी प्रसिद्ध किताबें लिखीं।
  • ➤ भारत रत्न (1955): एक रोचक तथ्य यह है कि उन्हें प्रधानमंत्री रहते हुए ही 1955 में 'भारत रत्न' से सम्मानित किया गया था।

(कार्यवाहक) गुलजारीलाल नंदा (1964 और 1966)

"संकट का साथी" — जब देश ने अपने दो महान नेताओं को खोया, तब इन्होंने ही अंतरिम रूप से देश को संभाला।

  • ➤ दो बार कार्यवाहक PM: ये भारत के इतिहास में एकमात्र व्यक्ति हैं जो दो बार प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठे, लेकिन दोनों बार 'कार्यवाहक' के रूप में। (पहली बार नेहरू जी की मृत्यु के बाद 1964 में, और दूसरी बार शास्त्री जी की मृत्यु के बाद 1966 में)।
  • ➤ 13 दिनों का कार्यकाल: एक संयोग देखिये कि दोनों ही बार उनका कार्यकाल मात्र 13-13 दिनों का रहा। उन्होंने नए नेता के चुने जाने तक जिम्मेदारी संभाली।
  • ➤ योजना आयोग के पहले उपाध्यक्ष: प्रधानमंत्री बनने से बहुत पहले, 1950 में जब योजना आयोग (Planning Commission) बना था, तो वे उसके पहले उपाध्यक्ष (Deputy Chairman) बनाए गए थे।
  • ➤ गांधीवादी जीवन: वे इतने ईमानदार थे कि दो बार देश का सर्वोच्च पद संभालने के बावजूद उनके पास अपना निजी घर तक नहीं था। वे अंतिम समय तक किराए के मकान में रहे।
  • ➤ भारत रत्न (1997): उनकी सादगी और देश सेवा के लिए उन्हें 1997 में (99 वर्ष की आयु में) भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से सम्मानित किया गया।

2. लाल बहादुर शास्त्री (1964–1966)

"सादगी की प्रतिमूर्ति" — छोटे कद के वो महान नेता जिन्होंने युद्ध के मैदान में देश का हौसला बढ़ाया।

  • ➤ जय जवान, जय किसान: 1965 के भारत-पाक युद्ध के दौरान जब देश में अनाज की कमी थी, तब उन्होंने देशवासियों और सैनिकों का मनोबल बढ़ाने के लिए 'जय जवान, जय किसान' का ऐतिहासिक नारा दिया।
  • ➤ विदेश में निधन: ये भारत के एकमात्र प्रधानमंत्री हैं जिनका निधन विदेश में (ताशकंद, उज्बेकिस्तान) हुआ। 1966 में ताशकंद समझौते पर हस्ताक्षर करने के कुछ ही घंटों बाद उनकी रहस्यमय परिस्थितियों में मृत्यु हो गई थी।
  • ➤ नैतिकता की मिसाल: प्रधानमंत्री बनने से पहले जब वे रेल मंत्री थे, तो एक रेल दुर्घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। यह भारतीय राजनीति में ईमानदारी का सर्वोच्च उदाहरण है।
  • ➤ मरणोपरांत भारत रत्न: वे पहले व्यक्ति थे जिन्हें मरणोपरांत (Posthumously) भारत रत्न (1966) से सम्मानित किया गया।
  • ➤ श्वेत क्रांति की नींव: उन्होंने गुजरात के आनंद में अमूल (Amul) सहकारी आंदोलन का समर्थन किया और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) की स्थापना करवाई, जिससे भारत में श्वेत क्रांति (दुग्ध उत्पादन) की शुरुआत हुई।

3. इंदिरा गांधी (1966–1977, 1980–1984)

"आयरन लेडी ऑफ इंडिया" — जिन्होंने दुनिया का नक्शा बदल दिया और बांग्लादेश को जन्म दिया।

  • ➤ पहली महिला प्रधानमंत्री: वे भारत की **पहली और एकमात्र महिला प्रधानमंत्री** थीं। वे कुल मिलाकर लगभग 15 वर्षों तक देश की प्रधानमंत्री रहीं (दूसरा सबसे लंबा कार्यकाल)।
  • ➤ 1971 का युद्ध और बांग्लादेश: उनके नेतृत्व में भारत ने 1971 के युद्ध में पाकिस्तान को बुरी तरह हराया, जिसके परिणामस्वरूप एक नए देश **'बांग्लादेश'** का निर्माण हुआ। इसी जीत के बाद उन्हें **'भारत रत्न'** (1971) मिला।
  • ➤ आपातकाल (Emergency): उनके करियर का सबसे विवादास्पद फैसला 1975 में **'राष्ट्रीय आपातकाल'** लागू करना था। इसके कारण 1977 के चुनाव में उन्हें और उनकी पार्टी को बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा और वे सत्ता से बाहर हो गईं।
  • ➤ कड़े आर्थिक फैसले: उन्होंने 1969 में 14 प्रमुख निजी बैंकों का **राष्ट्रीयकरण (Nationalization)** किया और राजा-महाराजाओं को मिलने वाले **'प्रिवी पर्स'** (विशेषाधिकार और भत्ता) को समाप्त कर दिया।
  • ➤ ऑपरेशन ब्लू स्टार और शहादत: 1984 में अमृतसर के स्वर्ण मंदिर से आतंकवादियों को निकालने के लिए उन्होंने सेना भेजी (ऑपरेशन ब्लू स्टार)। इसके प्रतिशोध में 31 अक्टूबर 1984 को उनके ही सिख अंगरक्षकों ने उनकी हत्या कर दी।

4. मोरारजी देसाई (1977–1979)

"लोकतंत्र के रक्षक" — आपातकाल के बाद देश को संभालने वाले पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री।

  • ➤ पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री: मोरारजी देसाई ने 1977 में **पहली गैर-कांग्रेसी सरकार** (जनता पार्टी) का गठन किया और प्रधानमंत्री बने। इससे पहले केंद्र में हमेशा कांग्रेस का शासन था।
  • ➤ सबसे बुजुर्ग प्रधानमंत्री: वे अब तक के **सबसे उम्रदराज** व्यक्ति हैं जो प्रधानमंत्री बने। जब उन्होंने शपथ ली, तब उनकी आयु **81 वर्ष** थी।
  • ➤ दो सर्वोच्च सम्मान: यह एक अद्भुत रिकॉर्ड है— वे एकमात्र भारतीय हैं जिन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान **'भारत रत्न'** और पाकिस्तान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान **'निशान-ए-पाकिस्तान'** (Nishan-e-Pakistan) दोनों से नवाजा गया है।
  • ➤ 1978 की नोटबंदी: काले धन को रोकने के लिए उन्होंने 1978 में **1000, 5000 और 10,000 रुपये** के बड़े नोटों को बंद (Demonetization) कर दिया था। (बाद में 2016 में मोदी सरकार ने दोबारा नोटबंदी की)।
  • ➤ लोकतंत्र की बहाली: उन्होंने संविधान में **44वां संशोधन** करके उन विवादास्पद कानूनों को रद्द किया जो इंदिरा गांधी ने आपातकाल के दौरान बनाए थे, और देश में लोकतंत्र को पुनः मजबूत किया।

5. चौधरी चरण सिंह (1979–1980)

"किसानों के मसीहा" — जिन्होंने अपना पूरा जीवन भारतीय कृषि और ग्रामीण परिवेश के उत्थान में लगा दिया।

  • ➤ संसद का सामना नहीं किया: ये भारत के एकमात्र ऐसे प्रधानमंत्री रहे जिन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान लोकसभा (संसद) का सामना नहीं किया। संसद सत्र शुरू होने से एक दिन पहले ही कांग्रेस ने समर्थन वापस ले लिया और उन्हें इस्तीफा देना पड़ा।
  • ➤ किसान दिवस: इनका जन्मदिवस (23 दिसंबर) पूरे भारत में 'राष्ट्रीय किसान दिवस' (National Farmers' Day) के रूप में मनाया जाता है।
  • ➤ भारत रत्न (2024): किसानों के हित में उनके आजीवन संघर्ष को देखते हुए, भारत सरकार ने वर्ष 2024 में उन्हें मरणोपरांत देश के सर्वोच्च सम्मान 'भारत रत्न' से सम्मानित किया।
  • ➤ जमींदारी उन्मूलन: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और राजस्व मंत्री रहते हुए उन्होंने जमींदारी प्रथा को खत्म करने और भूमि सुधार कानूनों को लागू करने में सबसे अहम भूमिका निभाई थी।
  • ➤ प्रमुख पुस्तकें: वे एक विद्वान लेखक भी थे। उनकी पुस्तक 'Indian Economic Policy' में उन्होंने गांधीवादी अर्थव्यवस्था की वकालत की थी।

6. राजीव गांधी (1984–1989)

"सूचना क्रांति के जनक" — भारत को 21वीं सदी में ले जाने वाले और कंप्यूटर युग की शुरुआत करने वाले युवा नेता।

  • ➤ सबसे युवा प्रधानमंत्री: वे भारत के अब तक के सबसे कम उम्र (40 वर्ष) के प्रधानमंत्री हैं। 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद उन्होंने भारी बहुमत (400+ सीटें) के साथ चुनाव जीता था।
  • ➤ 61वां संविधान संशोधन: यह एक ऐतिहासिक निर्णय था— उनके कार्यकाल में मतदान (Voting) करने की न्यूनतम आयु को 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष कर दिया गया, जिससे युवाओं को राजनीति में भागीदारी मिली।
  • ➤ दल-बदल विरोधी कानून: राजनीति में शुचिता लाने के लिए उन्होंने 1985 में 52वां संविधान संशोधन पारित कराया और 'दल-बदल विरोधी कानून' (Anti-Defection Law) को 10वीं अनुसूची में जोड़ा।
  • ➤ संचार क्रांति: भारत में कंप्यूटर और टेलीकॉम क्रांति लाने का श्रेय उन्हें ही जाता है। उन्होंने C-DOT की स्थापना की और PCO (Public Call Office) के जरिए गाँव-गाँव तक फोन पहुँचाया।
  • ➤ पंचायती राज की नींव: उन्होंने पंचायतों को संवैधानिक दर्जा देने के लिए 64वां संशोधन विधेयक पेश किया था (हालांकि यह बाद में नरसिंह राव सरकार में 73वें संशोधन के रूप में पास हुआ)।

7. वी. पी. सिंह (1989–1990)

"सामाजिक न्याय के पुरोधा" — जिनका एक फैसला भारतीय राजनीति की दिशा हमेशा के लिए बदल गया।

  • ➤ मंडल आयोग (Mandal Commission): इनका सबसे बड़ा और चर्चित फैसला **मंडल आयोग की सिफारिशों को लागू करना** था। इसके तहत अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए सरकारी नौकरियों में **27% आरक्षण** की व्यवस्था की गई।
  • ➤ विश्वास प्रस्ताव हारने वाले पहले PM: ये भारत के पहले प्रधानमंत्री थे जिन्हें लोकसभा में **विश्वास प्रस्ताव (Vote of Confidence)** हारने के कारण अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा।
  • ➤ गठबंधन का प्रयोग: उन्होंने 'राष्ट्रीय मोर्चा' (National Front) सरकार का नेतृत्व किया, जो एक अनोखा प्रयोग था— क्योंकि इसे **भाजपा (Right Wing)** और **वाम दल (Left Wing)** दोनों ने बाहर से समर्थन दिया था।
  • ➤ भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई: प्रधानमंत्री बनने से पहले वे राजीव गांधी सरकार में रक्षा मंत्री थे, लेकिन **बोफोर्स घोटाले** (Bofors Scam) को उजागर करने के बाद उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी और भ्रष्टाचार के खिलाफ चुनाव लड़ा।
  • ➤ यूपी के सीएम: केंद्र की राजनीति में आने से पहले वे **उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री** (1980-82) थे। वहां उन्होंने डकैतों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया, लेकिन अपने भाई की डकैतों द्वारा हत्या के बाद नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया था।

8. चंद्रशेखर (1990–1991)

"युवा तुर्क" (Young Turk) — वो बागी नेता जो सीधे प्रधानमंत्री बने, बिना कभी कोई मंत्री पद संभाले।

  • ➤ युवा तुर्क: उन्हें भारतीय राजनीति का 'युवा तुर्क' कहा जाता था। कांग्रेस में रहते हुए भी उन्होंने इंदिरा गांधी की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाई थी और आपातकाल के दौरान जेल गए थे।
  • ➤ ऐतिहासिक पदयात्रा: 1983 में उन्होंने लोगों की समस्याओं को समझने के लिए कन्याकुमारी से दिल्ली तक की लगभग 4,260 किमी की पैदल यात्रा (भारत यात्रा) की थी। इसने उन्हें जन-जन से जोड़ दिया था।
  • ➤ बिना मंत्री पद के PM: वे भारत के ऐसे पहले प्रधानमंत्री थे जिन्होंने प्रधानमंत्री बनने से पहले केंद्र या राज्य सरकार में कभी कोई मंत्री पद नहीं संभाला था। वे सीधे सांसद से प्रधानमंत्री बने।
  • ➤ आर्थिक संकट और सोना गिरवी: इनका कार्यकाल भयंकर आर्थिक संकट का दौर था। देश को 'डिफॉल्टर' होने से बचाने के लिए उनकी सरकार को भारत का सोना (Gold) गिरवी रखना पड़ा था, जो एक बहुत बड़ा और साहसिक फैसला था।
  • ➤ एक सप्ताह का बजट: राजनीतिक अस्थिरता के कारण उनकी सरकार पूर्ण बजट पेश नहीं कर सकी थी। उन्होंने मात्र कुछ महीनों के लिए 'लेखानुदान' (Vote on Account) पारित किया था और केवल 7 महीने तक पीएम रहे।

9. पी.वी. नरसिंह राव (1991–1996)

"भारतीय आर्थिक सुधारों के जनक" — जिन्होंने डूबती हुई अर्थव्यवस्था को बचाया और भारत को दुनिया के लिए खोल दिया।

  • ➤ आर्थिक उदारीकरण (LPG): 1991 में जब भारत आर्थिक रूप से दिवालिया होने की कगार पर था, तब इन्होंने डॉ. मनमोहन सिंह को वित्त मंत्री बनाया और **LPG (उदारीकरण, निजीकरण, वैश्वीकरण)** की नीति लागू की, जिसने भारत की तकदीर बदल दी।
  • ➤ दक्षिण भारत से पहले PM: वे **दक्षिण भारत** (आंध्र प्रदेश) से आने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री थे। इससे पहले सभी प्रधानमंत्री उत्तर भारत से थे।
  • ➤ बहुभाषाविद (Polyglot): वे भारत के सबसे विद्वान प्रधानमंत्रियों में से एक थे। उन्हें **17 भाषाओं** (जिसमें स्पेनिश और फ्रेंच भी शामिल थीं) का ज्ञान था। वे कंप्यूटर का इस्तेमाल करने वाले शुरुआती राजनेताओं में से थे।
  • ➤ अल्पमत सरकार का रिकॉर्ड: वे पहले ऐसे प्रधानमंत्री थे जिन्होंने संसद में स्पष्ट बहुमत न होने के बावजूद (अल्पमत सरकार) पूरे **5 साल** का कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा किया।
  • ➤ भारत रत्न (2024): देश की अर्थव्यवस्था को बचाने और कूटनीतिक सुधारों के लिए उन्हें मरणोपरांत वर्ष 2024 में **'भारत रत्न'** से सम्मानित किया गया।

10. अटल बिहारी वाजपेयी (1996, 1998–2004)

"अजातशत्रु" — जिनका कोई दुश्मन नहीं था। एक कवि ह्दय राजनेता जिन्होंने भारत को परमाणु शक्ति बनाया।

  • ➤ तीन बार शपथ: वे तीन बार भारत के प्रधानमंत्री बने। पहली बार 1996 में (13 दिन), दूसरी बार 1998 में (13 महीने) और तीसरी बार 1999 में (पूरे 5 साल)।
  • ➤ सबसे छोटा कार्यकाल: उनके नाम प्रधानमंत्री के रूप में **सबसे छोटे कार्यकाल (मात्र 13 दिन)** का रिकॉर्ड है। 1996 में बहुमत साबित न कर पाने के कारण उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था।
  • ➤ पूर्ण कार्यकाल वाले पहले गैर-कांग्रेसी: वे कांग्रेस के अलावा किसी दूसरी पार्टी के **पहले ऐसे प्रधानमंत्री** थे, जिन्होंने अपना 5 साल का कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा किया।
  • ➤ पोखरण-II परमाणु परीक्षण: 1998 में उन्होंने दुनिया के दबाव की परवाह किए बिना **'ऑपरेशन शक्ति'** (पोखरण) के तहत 5 परमाणु परीक्षण किए और भारत को परमाणु संपन्न राष्ट्र घोषित किया।
  • ➤ संयुक्त राष्ट्र में हिंदी: विदेश मंत्री रहते हुए (1977 में) वे पहले भारतीय नेता थे जिन्होंने **संयुक्त राष्ट्र (UN) महासभा में हिंदी में भाषण** दिया था। उनके जन्मदिन (25 दिसंबर) को 'सुशासन दिवस' (Good Governance Day) के रूप में मनाया जाता है।

11. एच. डी. देवेगौड़ा (1996–1997)

"धरती पुत्र" (Mannina Maga) — कर्नाटक के एक साधारण किसान जो अप्रत्याशित रूप से देश के प्रधानमंत्री बने।

  • ➤ कर्नाटक से पहले PM: ये कर्नाटक राज्य से बनने वाले भारत के **पहले और एकमात्र प्रधानमंत्री** हैं। दक्षिण भारत से पीएम बनने वाले वे पी.वी. नरसिंह राव के बाद दूसरे व्यक्ति थे।
  • ➤ राज्यसभा सदस्य: जब वे प्रधानमंत्री बने, तब वे लोकसभा के सदस्य नहीं थे। इंदिरा गांधी और आई.के. गुजराल की तरह, उन्होंने भी **राज्यसभा** के सदस्य के रूप में पीएम पद संभाला।
  • ➤ मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री: प्रधानमंत्री बनने से ठीक पहले वे **कर्नाटक के मुख्यमंत्री** (1994–1996) थे। संयुक्त मोर्चा (United Front) के गठन के बाद उन्हें सर्वसम्मति से नेता चुना गया था।
  • ➤ सादगी और वेशभूषा: वे अपनी पारंपरिक कन्नड़ वेशभूषा (सफेद धोती और कुर्ता) के लिए जाने जाते थे। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी भारतीय संस्कृति का प्रतिनिधित्व इसी वेशभूषा में किया।
  • ➤ कश्मीर दौरा: वे पिछले 9 वर्षों में **कश्मीर का दौरा** करने वाले पहले प्रधानमंत्री थे। उन्होंने वहां जाकर लोगों से बातचीत की और विकास कार्यों का जायजा लिया, जो उस समय एक बड़ी पहल थी।

12. आई. के. गुजराल (1997–1998)

"गुजराल सिद्धांत के जनक" — एक ऐसे नेता जिनका मानना था कि भारत को अपने पड़ोसियों के साथ बड़े भाई की तरह उदारता दिखानी चाहिए।

  • ➤ गुजराल सिद्धांत (Gujral Doctrine): विदेश नीति में उनका सबसे बड़ा योगदान 'गुजराल डॉक्ट्रिन' है। इसके अनुसार, भारत को अपने छोटे पड़ोसी देशों (नेपाल, बांग्लादेश, भूटान आदि) को बिना किसी बदले की उम्मीद किए मदद देनी चाहिए।
  • ➤ आपातकाल में इस्तीफा: 1975 में जब इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाया, तब गुजराल सूचना और प्रसारण मंत्री थे। उन्होंने मीडिया पर सेंसरशिप लगाने और संजय गांधी के आदेश मानने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद उन्हें पद से हटा दिया गया।
  • ➤ राज्यसभा से पीएम: इंदिरा गांधी और देवेगौड़ा के बाद वे तीसरे ऐसे प्रधानमंत्री थे जो पद ग्रहण करते समय लोकसभा के नहीं, बल्कि राज्यसभा के सदस्य थे।
  • ➤ खाड़ी युद्ध और एयरलिफ्ट: 1990 में जब वे विदेश मंत्री थे, तब इराक-कुवैत युद्ध के दौरान सद्दाम हुसैन से मिलकर उन्होंने 1 लाख 70 हजार से अधिक भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने (एयरलिफ्ट) में अहम भूमिका निभाई थी।
  • ➤ पाकिस्तान में जन्म: वे भारत के उन प्रधानमंत्रियों में से हैं जिनका जन्म वर्तमान पाकिस्तान (झेलम) में हुआ था। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान वे 'भारत छोड़ो आंदोलन' में जेल भी गए थे।

13. डॉ. मनमोहन सिंह (2004–2014)

"द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर" — एक विश्व प्रसिद्ध अर्थशास्त्री जिन्होंने भारत की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया।

  • ➤ पहले सिख प्रधानमंत्री: वे भारत के **पहले सिख प्रधानमंत्री** थे। इसके अलावा, जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी के बाद वे तीसरे ऐसे प्रधानमंत्री बने जिन्होंने अपने **10 साल (दो कार्यकाल)** पूरे किए।
  • ➤ उदारीकरण के वास्तुकार: भले ही वे 2004 में पीएम बने, लेकिन देश उन्हें 1991 के **आर्थिक सुधारों (LPG)** के वास्तुकार के रूप में जानता है। उस समय वित्त मंत्री के रूप में उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था के दरवाजे दुनिया के लिए खोले थे।
  • ➤ RBI गवर्नर: यह एक बहुत ही रोचक तथ्य है— वे एकमात्र ऐसे प्रधानमंत्री हैं जो **RBI के गवर्नर** रह चुके हैं। पुराने नोटों पर आप उनके हस्ताक्षर देख सकते हैं। (वे वित्त सचिव और योजना आयोग के उपाध्यक्ष भी रहे)।
  • ➤ परमाणु समझौता (Nuclear Deal): 2008 में **भारत-अमेरिका नागरिक परमाणु समझौता** (Civil Nuclear Deal) उनकी सबसे बड़ी कूटनीतिक जीत थी। इसके लिए उन्होंने अपनी सरकार को दांव पर लगा दिया था और विश्वास मत जीता था।
  • ➤ अधिकार कानून (Rights Based Laws): उनके कार्यकाल को **RTI** (सूचना का अधिकार), **RTE** (शिक्षा का अधिकार) और **MGNREGA** (मनरेगा) जैसे ऐतिहासिक कानूनों के लिए याद किया जाता है।

14. नरेंद्र मोदी (2014–वर्तमान)

"न्यू इंडिया के शिल्पकार" — जिन्होंने भारत को वैश्विक शक्ति बनाने और 'सबका साथ, सबका विकास' का विजन दिया।

  • ➤ नेहरू की बराबरी: जवाहरलाल नेहरू के बाद वे भारत के **दूसरे ऐसे प्रधानमंत्री** हैं जिन्होंने लगातार **तीसरी बार** (2014, 2019, 2024) चुनाव जीतकर सरकार बनाई है। वे पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आने वाले पहले गैर-कांग्रेसी पीएम भी हैं।
  • ➤ स्वतंत्र भारत में जन्मे: वे भारत के **पहले प्रधानमंत्री** हैं जिनका जन्म भारत की स्वतंत्रता (15 अगस्त 1947) के बाद हुआ है। उनका जन्म 17 सितंबर 1950 को हुआ था।
  • ➤ अनुच्छेद 370 और राम मंदिर: उनके कार्यकाल के सबसे ऐतिहासिक फैसलों में जम्मू-कश्मीर से **अनुच्छेद 370** को हटाना, तीन तलाक की समाप्ति और अयोध्या में **राम मंदिर** का निर्माण शामिल है।
  • ➤ डिजिटल इंडिया क्रांति: उनके नेतृत्व में भारत डिजिटल लेन-देन (UPI) में दुनिया का अग्रणी देश बना। जन-धन योजना, आधार और मोबाइल (JAM Trinity) ने सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे गरीबों तक पहुँचाया।
  • ➤ वैश्विक सम्मान: उन्हें अमेरिका, रूस, फ्रांस, सऊदी अरब और यूएई सहित दुनिया के कई प्रमुख देशों ने अपने **सर्वोच्च नागरिक सम्मान** (Highest Civilian Awards) से सम्मानित किया है, जो एक दुर्लभ उपलब्धि है।

🌟 प्रधानमंत्रियों की कुछ अनोखी उपलब्धियाँ (Unique Highlights)

कार्यकाल और राजनीति से परे, यहाँ भारत के प्रमुख प्रधानमंत्रियों के कुछ ऐसे योगदान और किस्से हैं जो अक्सर चर्चा में कम आते हैं:

🕊️ पं. जवाहरलाल नेहरू

पंचशील सिद्धांत: ऊपर हमने उनके संस्थानों की बात की, लेकिन विदेश नीति में उनका सबसे बड़ा योगदान 'पंचशील समझौता' (चीन के साथ) था। साथ ही, बच्चों के प्रति उनके स्नेह के कारण उनके जन्मदिन को बाल दिवस (Children's Day) के रूप में मनाना एक अनोखी विरासत है।

🍛 लाल बहादुर शास्त्री

शास्त्री व्रत: 1965 में जब देश में अनाज का संकट था, तो उन्होंने देशवासियों से सप्ताह में एक वक्त का खाना छोड़ने की अपील की थी। इसे 'शास्त्री व्रत' कहा गया। उन्होंने खुद पहले अपने परिवार में इसे लागू किया, फिर देश से अपील की।

☢️ इंदिरा गांधी

ऑपरेशन स्माइलिंग बुद्धा: ऊपर हमने 1971 युद्ध की बात की, लेकिन भारत को परमाणु शक्ति की राह पर लाने का पहला कदम 1974 में इन्होंने ही उठाया था। भारत का पहला परमाणु परीक्षण (Pokhran-I) इन्हीं के आदेश पर हुआ था।

💼 मोरारजी देसाई

बजट का रिकॉर्ड: प्रधानमंत्री बनने से पहले वे लंबे समय तक वित्त मंत्री रहे। उनके नाम भारत के इतिहास में सर्वाधिक बार (10 बार) बजट पेश करने का रिकॉर्ड दर्ज है, जो आज भी कायम है।

🏡 पी.वी. नरसिंह राव

स्थानीय स्वशासन: आर्थिक सुधारों के अलावा, इनका सबसे बड़ा योगदान 73वें और 74वें संविधान संशोधन को पारित कराना था। इन्हीं के कारण आज भारत के हर गाँव में 'पंचायती राज' और शहरों में 'नगर पालिका' व्यवस्था संवैधानिक रूप से लागू है।

🛣️ अटल बिहारी वाजपेयी

स्वर्णिम चतुर्भुज: भारत की सड़कों की तस्वीर बदलने वाली 'स्वर्णिम चतुर्भुज योजना' (Golden Quadrilateral) इन्हीं की देन है, जिसने दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता को हाईवे से जोड़ा।

📉 डॉ. मनमोहन सिंह

2008 की मंदी से सुरक्षा: जब 2008 में पूरी दुनिया 'वैश्विक आर्थिक मंदी' (Global Recession) से जूझ रही थी, तब डॉ. सिंह की आर्थिक नीतियों और बैंकिंग समझ ने भारत को इस संकट से सुरक्षित रखा था।

🚀 नरेंद्र मोदी

अंतरिक्ष और G20: इनके कार्यकाल में भारत ने चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक सफलता हासिल की (दक्षिणी ध्रुव पर पहुँचने वाला पहला देश)। साथ ही, 2023 में भारत ने G20 की अध्यक्षता कर वैश्विक कूटनीति में अपनी छाप छोड़ी।

💡 क्या आप जानते हैं? (महत्वपूर्ण तथ्य)

भारतीय प्रधानमंत्रियों के इतिहास में कई ऐसे रिकॉर्ड और घटनाएँ हैं जो परीक्षाओं में बार-बार पूछी जाती हैं:

⏳ कार्यकाल के रिकॉर्ड

  • 📈 सबसे लंबा कार्यकाल: पं. जवाहरलाल नेहरू (16 साल, 286 दिन)।
  • 📉 सबसे छोटा कार्यकाल: अटल बिहारी वाजपेयी (1996 में मात्र 13 दिन)।
  • 🔄 कार्यवाहक प्रधानमंत्री: गुलजारीलाल नंदा एकमात्र ऐसे व्यक्ति हैं जो दो बार (नेहरू और शास्त्री की मृत्यु के बाद) कार्यवाहक पीएम बने।

👤 व्यक्तित्व और उपलब्धियाँ

  • 🧑‍💻 सबसे युवा PM: राजीव गांधी (40 वर्ष की आयु में शपथ ली)।
  • 👴 सबसे बुजुर्ग PM: मोरारजी देसाई (81 वर्ष की आयु में शपथ ली)।
  • 🏛️ पहले गैर-कांग्रेसी: मोरारजी देसाई (1977 में जनता पार्टी से)।

⚠️ ऐतिहासिक घटनाएँ

  • 🕯️ पद पर मृत्यु: तीन प्रधानमंत्रियों का निधन कार्यकाल के दौरान हुआ — नेहरू, शास्त्री और इंदिरा गांधी
  • 🌍 विदेश में निधन: लाल बहादुर शास्त्री एकमात्र पीएम हैं जिनका निधन भारत से बाहर (ताशकंद) में हुआ।
  • 🚪 संसद का सामना नहीं: चौधरी चरण सिंह एकमात्र ऐसे पीएम थे जिन्होंने कभी लोकसभा का सामना नहीं किया।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q. भारत के पहले प्रधानमंत्री कौन थे?

उत्तर: पं. जवाहरलाल नेहरू भारत के पहले प्रधानमंत्री थे। उन्होंने 15 अगस्त 1947 को पद संभाला और लाल किले पर पहली बार तिरंगा फहराया।

Q. वर्तमान में भारत के प्रधानमंत्री कौन हैं?

उत्तर: श्री नरेंद्र मोदी वर्तमान में भारत के प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने 26 मई 2014 को पहली बार पद संभाला था और अभी उनका तीसरा कार्यकाल चल रहा है।

Q. अब तक कुल कितने प्रधानमंत्री हुए हैं?

उत्तर: अगर हम व्यक्तियों की बात करें, तो 2024 तक कुल 14 व्यक्तियों ने प्रधानमंत्री पद संभाला है। (गुलजारीलाल नंदा कार्यवाहक थे, इसलिए उन्हें नियमित प्रधानमंत्रियों की गिनती में शामिल नहीं किया जाता)।

Q. भारत की एकमात्र महिला प्रधानमंत्री कौन थीं?

उत्तर: श्रीमती इंदिरा गांधी भारत की पहली और अब तक की एकमात्र महिला प्रधानमंत्री थीं। उन्हें 'आयरन लेडी' भी कहा जाता है।

Q. प्रधानमंत्री की नियुक्ति कौन करता है?

उत्तर: संविधान के अनुच्छेद 75 के तहत, भारत के राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की नियुक्ति करते हैं। वे लोकसभा में बहुमत वाले दल के नेता को ही इस पद के लिए आमंत्रित करते हैं।

Q. प्रधानमंत्री बनने के लिए न्यूनतम आयु क्या है?

उत्तर: कम से कम 25 वर्ष। (यदि व्यक्ति लोकसभा का सदस्य है तो 25 वर्ष, और यदि राज्यसभा का सदस्य है तो 30 वर्ष। लेकिन न्यूनतम योग्यता 25 वर्ष ही मानी जाती है)।

📚 संविधान संशोधन: इन्हें भी जरूर पढ़ें

📜 10वां संविधान संशोधन, 1961 (दादरा और नगर हवेली) 📜 11वां संविधान संशोधन, 1961 (चुनाव प्रक्रिया में बदलाव) 📜 12वां संविधान संशोधन, 1962 (गोवा, दमन और दीव) 📜 13वां संविधान संशोधन, 1962 (नागालैंड राज्य) 📜 14वां संविधान संशोधन, 1962 (पुडुचेरी का विलय) ⚖️ 15वां संविधान संशोधन, 1963 (जजों की सेवानिवृत्ति आयु)

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